औरंगाबाद में भड़काऊ भाषण देने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ आखिरकार मामला दर्ज कर लिया है, बता दें कि ठाकरे ने 2 दिन पहले एक जनसभा को संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र की मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर को नहीं हटाने पर दोहरी आवाज में हनुमान चालीसा चलाने की चेतावनी को दोहराया था, बताते चलें की उन्होंने इस मामले में एमवीए सरकार को 4 मई तक का अल्टीमेटम भी जारी किया था।
राज ठाकरे पर लगे भड़काऊ भाषण देने के आरोप
अगर बात करें राज ठाकरे की औरंगाबाद रैली की तो पुलिस ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ इस रैली को आयोजित करने की अनुमति दी थी। हालांकि राज ठाकरे के खिलाफ औरंगाबाद के सिटी चौक थाने में बैठक के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर मामला दर्ज किया गया है, थाने के पुलिस उपनिरीक्षक गजानन इंगने द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला दर्ज किया गया था। सिटी चौक पुलिस के मुताबिक, राज ठाकरे नंबर एक आरोपी है। राजीव जवलीकर और अन्य आयोजकों के खिलाफ राज ठाकरे के साथ बैठक करने की अनुमति मांगने पर मामला दर्ज किया गया है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मनसे प्रमुख के खिलाफ मामला
राज ठाकरे के खिलाफ आईपीसी की धारा 116, 117, 153 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 135 (शर्तों का उल्लंघन), 153 (दो समूहों में वाद-विवाद करना), 116 (अपराध करने में मदद), 117 (अपराध में मदद करना, भड़काऊ भाषण) के तहत मामला दर्ज हुआ है। राज ठाकरे के मराठवाड़ा सांस्कृतिक मंडल के मैदान में हुई बैठक के बाद मनसे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। राज ठाकरे की मुलाकात के बाद पुलिस ने हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच अनबन की आशंका जताई है, इसलिए पुलिस ने कोई ऐसा काम नहीं करने के लिए नोटिस भेजा है जिससे दरार पैदा हो।


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