मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 182 बंदियों की सशर्त रिहाई की जा रही है। वहीं, दुष्कर्म जैसे अपराध का कोई भी बंदी नहीं छोड़ा जाएगा।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर 182 बंदी रिहा हो रहे हैं। ऐसे बंदी जिनकी सजा के विरुद्ध अपील लंबित है, उनको अपील के निराकरण के उपरांत रिहाई की पात्रता होगी। जिन्हें जुर्माना से दण्डित किया गया है, वे जुर्माना राशि 15 अगस्त तक जमा कर देते हैं, तो उन्हें रिहाई की पात्रता होगी। जिन्हें किसी अन्य प्रकरण में सजा भुगतना शेष है, उन्हें शेष सजा भुगतने हेतु रोका जायेगा। जिन्हें किसी अन्य प्रकरण में जमानत प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें विचाराधीन बंदी के रूप में रोका जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2023 के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 182 बंदियों की सशर्त रिहाई की जा रही है।ऐसे बंदी जिनकी सजा के विरुद्ध अपील लंबित है,उनको अपील के निराकरण के उपरांत रिहाई की पात्रता होगी।जिन्हें जुर्माना से दण्डित किया गया है,… pic.twitter.com/xVEn3Yvdb3— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) July 25, 2023
नरोत्तम मिश्रा ने आगे बताया कि यदि कोई बंदी अन्य राज्य के प्रकरण में दण्डित किया गया है तो वह संबंधित राज्य में स्थानान्तरित किया जायेगा। 15 गैर-आजीवन कारावास के बंदियों को सजा में छूट दी जा रही है। प्रदेश की महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा को देखते हुए दुष्कर्म के किसी भी प्रकरण में सजा माफी नहीं दी जा रही है।


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