देश में मानसून की बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है । पानी लोगों की जान लेने पर उतारू हो गया है जिसके वजह से पूरे देश में अफरातफरी मची हुई है। इस खतरनाक बाढ़ से लगभग आधा देश बुरी तरह से प्रभावित है। राज्य का एक-एक व्यक्ति इससे प्राभवित है। बाढ़ से सबसे ज्यादा दक्षिण के राज्यों का बुरा हाल है। केरल में काफी जान-माल का भी नुक्सान हुआ है। बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और प्रशासन ने भी रेड अलर्ट जारी कर दिया है और सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है। वही, राज्य के कोच्चि अन्तर्राष्टीय एयरपोर्ट के रनवे पर पानी भर जाने की वजह से सभी उड़ानों को रविवार तक के लिए रोक लगा दी है। राज्य के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कहा कि पिछले तीन दिनों में भारी बारिश की वजह से खतरनाक बाढ़ ने 42 लोगों की मौत हो गई है।

साथ ही उन्होंने कहा कि वायनाड और मलप्पुरम में भूस्खलन के कारण मलबे में कम से कम 40 लोगों के फंसे होने की संभावना है,केरल में बाढ़ के कहर की वजह से राज्य में रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित है और हालत इतने बुरे है की कई रेल गाड़ियों को रद्द करना पड़ा।
मौसम विभाग ने राज्य के 14 जिलों में से नौ के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है जिसके चलते राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान अगली सुचना तक बंद रहेंगे। राज्य में बाढ़ के हालत पर नज़र रखते हुए अधिकारियों ने बताया कि राज्य भर के 738 राहत शिविरों में 64 हजार लोगों को सुरक्षित रखा गया है।
वही, राहुल गांधी ने अपनी लोकसभा संसदीय सीट वायनाड के लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की है और बाढ़ से प्रभवित लोगों के लिए मदद की गुहार लगाई है।
बता दें कि देश के अन्य राज्य मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और ओडिशा राज्यों के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अभी भी इन राज्यों में अगले दो दिन तक भारी बारिश होने की संभावना जताई है।


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