देश में 250 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस (कोविड-19) से हारकर दम तोड़ चुके हैं। वहीं मध्यप्रदेश में रविवार को 7 मरीजों ने कोरोना वायरस को मात देते हुए जिंदगी की जंग पर फतह हासिल की है। वहीं इंदौर के अस्पतालों में इलाज के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि शासकीय मनोरमा राजे टीबी (एमआरटीबी) अस्पताल में भर्ती तीन महिलाओं और चार पुरुष संक्रमितों को अस्पताल से छुट्टी दी गयी। इन संक्रमितों की लगातार दो बार कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ होने पर जिन सात मरीजों को एमआरटीबी चिकित्सालय से छुट्टी दी गयी, उनमें से दो लोग पड़ोसी खरगोन जिले के रहने वाले हैं।
इनमें से एक व्यक्ति पिछले माह पेरिस से खरगोन लौटा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संक्रमण मुक्त हुए इन सात लोगों को अस्पताल से छुट्टी दिये जाने पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने ताली बजाकर खुशी जतायी। अधिकारियों ने बताया कि शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के 28 अन्य मरीज भी इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं।
सावधानी के तौर पर ऐसे सभी मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 14 दिन तक घर के अलग कमरे में एकांत में रहने की सलाह दी गयी है। इंदौर, देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल है। अब तक प्राप्त सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महज 19 दिन के अंतराल में शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 298 पर पहुंच गयी है। इनमें से 32 लोग इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं।
यानि फिलहाल शहर में कोविड-19 के मरीजों की मरीजों की मृत्यु दर 10.74 प्रतिशत है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि शहर में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर पिछले कई दिन से राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले कहीं ज्यादा बनी हुई है। कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहर में कर्फ्यू लगा रखा है।


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