झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में स्थापित 80 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। दिल्ली सरकार की तर्ज पर इन स्कूलों में अत्याधुनिक आधारभूत संरचना, लाइब्रेरी, सांइस लैब, डिजिटल स्मार्ट क्लास, लैंग्वेज लैब, स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, कमर्शियल ट्रेनिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सभी स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन सभी स्कूलों में कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई होगी। मकसद यह है कि सरकारी स्कूलों से पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं आज के प्रतियोगी दौर में किसी से पीछे न रहें।
उद्घाटन समारोह रांची के धुर्वा स्थित ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव उच्च विद्यालय में आयोजित हुआ। इसे भी स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है। इनके अलावा प्रखंडों में 325 लीडर स्कूल और 4,091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक इन विशिष्ट स्कूलों में 15 लाख से छात्र-छात्राओं को प्राइवेट स्कूलों की तरह स्तरीय शिक्षा मिलेगी। 80 उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण दो चरणों में नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप द्वारा कराया जा चुका है। इन्हें अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।
जनवरी माह में प्रधानाध्यापकों को आईआईएम की ओर से स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग भी दी गई है। इन उत्कृष्ट विद्यालयों के बच्चों को व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बच्चों को एग्रीकल्चर, आईटी, आईटीईएस, अपारेल एण्ड मेडअप एण्ड होम फर्निशिंग, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, ऑटोमोटिव, टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटालिटी समेत अन्य ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। संबंधित ट्रेड से जुड़े राज्य स्तरीय प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों के साथ इंडस्ट्रियल फील्ड विजिट की व्यवस्था की जा रही है ताकि भावी जीवन में उनके रुचि के अनुसार रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सके।


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