असम में बाढ का प्रकोप जारी है। यहा बाढ से 90 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 33 जिलों में से 27 जिलों में 26.38 लाख लोग बाढ प्रभावित हुए हैं। यह जानकारी एक सरकारी रिपोर्ट में दी गई। मोरीगांव जिले में एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही इस वर्ष बाढ़ और भूस्खलन से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि 97 लोगों की मौत जहां बाढ़ जनित घटनाओं के कारण हुई वहीं 26 लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई है। एएसडीएमए ने कहा कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों की संख्या शुक्रवार के बाद से 1.6 लाख से अधिक हुई है, जबकि एक और जिला इससे प्रभावित हुआ है। इसने बताया कि ग्वालपाड़ा बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में शामिल है जहां 4.7 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद बारपेटा में 4.24 लाख और मोरीगांव में 3.75 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी गुवाहाटी, तेजपुर, धुबरी और गवालपाड़ा शहरों में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां धनसिरी, जिया भराली, कोपिली, बेकी ओर संकोश भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिश्वनाथ, लखीमपुर, धुबरी, चिरांग, नौगांव, जोरहट, बारपेटा और मजूली जिलों में सड़क, पुल, पुलिया और कई अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एएसडीएमए ने बताया कि बिश्वनाथ, दक्षिण सलमारा, चिरांग और मजूली जिलों में विभिन्न स्थानों पर व्यापक कटाव हुए हैं। जिला प्रशासन 19 जिलों में 564 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहा है, जहां 47,772 लोगों ने शरण ले रखी है।


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