बीजेपी के पूर्व सांसद दीनू बोघा सोलंकी समेत सभी 7 दोषियों को आरटीआई एक्टिविस्ट अमित जेठवा हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 20 जुलाई 2010 को अमित जेठवा की गुजरात हाईकोर्ट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के मुताबिक अमित जेठवा ने गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने का प्रयास किया था।
कोर्ट ने दीनू बोघा और उसके भतीजे शिवा सोलंकी पर 15 – 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अहमदाबाद की सीबीआई की एक विशेष अदालत ने दीनू सोलंकी और छह अन्य को शनिवार को दोषी करार दिया था। अपराध शाखा द्वारा सोलंकी को क्लीनचिट दिए जाने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपा दिया था।
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कोर्ट ने वर्ष 2009 से 2014 तक गुजरात के जूनागढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके सोलंकी को उनके चचेरे भाई शिव सोलंकी और पांच अन्य के साथ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में दोषी करार दिया था। गौरतलब है की अमित जेठवा ने आरटीआई के जरिए दीनू सोलंकी की कथित संलिप्तता वाली अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने का प्रयास किया। जेठवा ने गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की थी।


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