उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर पास एक एसयूवी में मिले विस्फोटकों और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में आरोपी नरेश गौर की जमानत याचिका यहां एक अदालत ने खारिज कर दी। गौर कथित तौर पर एक ‘बुकी’ है और उसे महाराष्ट्र के आतंक निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मार्च 2021 में गिरफ्तार किया था।
मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपे जाने से पहले एटीएस इसकी जांच कर रही थी। गौर ने अप्रैल में दायर की अपनी जमानत याचिका में कहा था कि उसे सह आरोपी और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के कहने पर जांच एजेंसी द्वारा बलि का बकरा बनाया जा रहा है। गौर ने कहा कि वाजे ने कभी उससे संपर्क नहीं किया था।
एनआईए ने गौर की जमानत याचिका का विरोध यह कह कर किया था कि वह, हिरन की हत्या के लिए मुख्य आरोपी वाजे द्वारा रची गई बड़ी साजिश का हिस्सा था। विशेष एनआईए अदालत ने बृहस्पतिवार को गौर को राहत देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपपत्र दायर होना बाकी है।
वाजे और पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा समेत अन्य आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
मुंबई में 25 फरवरी 2021 को उद्योगपति मुकेश अंबानी के बंगले एंटीलिया के पास मिली एक एसयूवी में विस्फोटक मिले थे।


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