महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शिवसेना से लिखित में यह आश्वासन मांगा था कि महाराष्ट्र में सरकार संविधान के दायरे में काम करेगी। राज्य के लोकनिर्माण मंत्री ने रविवार को नांदेड़ में एक सभा के दौरान कहा कि सोनिया गांधी ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार हर हाल में संविधान के दायरे में काम करेगी।
चव्हाण ने कहा, “उन्होंने हमें बताया कि हमें पहले यह लिखित में लेना होगा (शिवसेना से) कि सरकार को संविधान के दायरे में काम करना चाहिए और संविधान की प्रस्तावना का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। हमसे कहा गया कि हम यह उद्धव ठाकरे को बता दें।” ठाकरे ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस और राकांपा के सहयोग से प्रदेश में गठबंधन सरकार बनाई थी। प्रदेश में हुए हालिया विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।
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चव्हाण ने कहा कि गांधी ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को यह भी बताया था कि अगर सरकार उम्मीद के मुताबिक काम नहीं करती है तो पार्टी को उससे अलग हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमने यह बात ठाकरे के बता दी थी। वह इससे सहमत थे और हमने सरकार बनाई।”
चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना को महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार बनाने से पहले किए गए “करारों” को स्पष्ट करना चाहिए। फडणवीस ने मीडिया से कहा, “गठबंधन में शामिल दलों को अगर विश्वास (शिवसेना पर) नहीं है तो शिवसेना सरकार में क्यों है?”


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