उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत चीन सीमा से सटे इलाके में हुए हिमस्खलन में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के आठ कर्मियों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी है।
जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि शुक्रवार रात को नीति घाटी के सुमना इलाके में हिमस्खलन स्थल से दो व्यक्तियों के शव मिले जबकि शनिवार को छह और शव बरामद किये गये।मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ में संवाददाताओं को बताया कि चार घायलों को घटनास्थल से बचाया गया और बचाव अभियान जारी है।
रावत ने बताया कि शुक्रवार को जब हिमस्खलन हुआ तब बीआरओ के 400 कर्मी काम पर लगे थे, बताया जाता है कि इनमें से करीब 391 कर्मी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के शिविरों पर सुरक्षित पहुंच गये।मुख्यमंत्री ने नुकसान के आकलन के लिए इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया।
सुमना, जहां हिमस्खलन हुआ, मलारी गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर है और यह धौली गंगा की दो धाराओं– गिर्थिगाड और कियोगाड के संगम के समीप है। धौली गंगा में फरवरी में आपदाकारी हिमस्खलन हुआ और 80 लोगों की जान चली गयी थी एवं 126 लापता हो गये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाके में भारी वर्षा होने की वजह से बचाव अभियान में अड़चनें आ रही हैं । आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बचाव अभियान चला रहे हैं।रावत के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बचाव अभियान में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।


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