बद्रीनाथ हाइवे हुआ बंद, उत्तराखंड में बढ़ रहा लैंडस्लाइड का कहर

Summary :

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर देखा जा सकता है जिसकी वजह से सड़कों पर लैंडस्लाइड होने की खबरे आ रही हैं. यही नहीं बल्कि तूफानी चक्रवात इतना बढ़ गया है की बड़े-बड़े चीर के पेड़ों के साथ-साथ मलबे नदी किनारे ढह रहे हैं. जिसके कारण नदी के बहाव में रुकावट देखा जा रहा है. जिसकी वजह से बद्रीनाथ हाइवे पर आज यानि 25 जुलाई के दिन याता-यात बंद कर दिया गया है.

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर देखा जा सकता है जिसकी वजह से सड़कों पर लैंडस्लाइड होने की खबरे आ रही हैं. यही नहीं बल्कि तूफानी चक्रवात इतना बढ़ गया है की बड़े-बड़े चीर के पेड़ों के साथ-साथ मलबे नदी किनारे ढह रहे हैं. जिसके कारण नदी के बहाव में  रुकावट देखा जा रहा है. जिसकी वजह से बद्रीनाथ हाइवे पर आज यानि 25 जुलाई के दिन याता-यात बंद कर दिया गया है. इस तरह बढ़ते बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण सिर्फ बदरीनाथ हाइवे ही नहीं बल्कि कई सडकों को भी बंद कर दिया गया है. 

बद्रीनाथ हाइवे पर दिखा खौफनाक मंजर 
देश में हो रहे इस कदर भारी बारिश के चलते देशवासियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जिसमें तीर्थस्थल से लेकर सामन के आयात-निर्यात करने वाले कई रास्तों को बंद कर दिया गया है. अगर चमोली पुलिस की माने तो, “बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग” पर नंदप्रयाग और पुरसारी के नज़दीकी सडकों पर मलबा भर गया है  रास्ते बंद कर दिए गए हैं. बड़े-बड़े पेड़ों का नदी में गिरना और सड़क पर मलबा भरना सिर्फ सड़कों पर ही नहीं बल्कि नदियों के बहाव में भी रुकावट ला रहा है. 
उत्तराखंड के 300 से ज़्यादा रास्ते हुए बंद 
मौसम विबाह ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 28 जुलाई तक राजधानी देहरादून में बादल छाए रहने की संभावना जताई जा रही है. जिसमें कई स्थानों पर बादल गरज सकते हैं. साथ ही डाबरकोट से आई लैंडस्लाइड की तस्वीरों ने सबको हैरत में डाल दिया था. जिस कारण यमुनोत्री नेशनल हाइवे भी पिछले 4 दिनों से बंद पड़ा हुआ है. और उत्तराखंड के 300 से ज्यादा सडकों को भी बंद किया हुआ है, जिसको दोबारा चलन में लाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग में पीएमजीएसवाई को तनाइट किया हुआ है. 

Desk Team