बंगाल में BJP को फजीहत का करना पड़ा सामना, दो उम्मीदवारों ने किया चुनाव लड़ने से इनकार

Summary :

भाजपा को उस समय फजीहत का सामना करना पड़ा जब शिखा मित्रा और तरुण साहा ने भाजपा की उम्मीदवारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। शिखा मित्रा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि भाजपा की सूची में मेरा नाम कैसे आ गया। मैं कांग्रेस के साथ हूं और रहूंगी।’’

भाजपा ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 157 उम्मीदवारों की एक और सूची जारी की। पार्टी ने जहां दूसरे दलों से आए 22 नेताओं को टिकट देने में तरजीह दी है, वहीं इसने अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकल रॉय, सांसद जगन्नाथ सरकार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा और लोक गायक असीम सरकार को भी चुनावी रण में उतारा है। उम्मीदवारों की सूची में महिलाओं सहित 17 मुस्लिम चेहरे भी शामिल हैं।
पार्टी ने पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा और तृणमूल कांग्रेस विधायक माला साहा के पति तरुण साहा को भी उम्मीदवार बनाया है। हालांकि भाजपा को उस समय फजीहत का सामना करना पड़ा जब शिखा मित्रा और तरुण साहा ने भाजपा की उम्मीदवारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। शिखा मित्रा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि भाजपा की सूची में मेरा नाम कैसे आ गया। मैं कांग्रेस के साथ हूं और रहूंगी।’’
उम्मीदवारों की सूची में 19 महिलाओं का भी नाम है और यह संख्या पार्टी की पूर्व की दो सूचियों से ज्यादा है। बहरहाल टिकटों की घोषणा के बाद भाजपा में एक बार फिर बगावत देखने को मिली। भाजपा युवा मोर्चा की राज्य इकाई के नेता और पूर्व भाजपा नेता तपन सिकदर के बेटे सौरव सिकदर ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर पुराने नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
राज्य के अन्य इलाकों में जहां भाजपा ने दूसरे दलों के नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, वहां से विरोध की खबरें आ रही हैं। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में मतदान संपन्न होगा। मतों की गिनती दो मई को होगी।
पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पिछले 10 साल से सत्ता में है। इस बार भाजपा और अन्य विपक्षी दल उसे चुनौती दे रहे हैं। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। पिछले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को राज्य की 294 में से 211 सीटों पर विजय हासिल हुई थी जबकि भाजपा को महज तीन सीटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस को इस चुनाव में 44 सीट और माकपा को 26 सीट मिली थीं।

कपड़ों को लेकर ट्रोल होने के बाद भी नहीं बदले CM रावत के विचार, बोले- अब भी है फटी जीन्स से दिक्कत

Desk Team