अज़ान से नींद में खलल पड़ने पर इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव की शिकायत के बाद रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। प्रयागराज के पुलिस महानिरीक्षक ने जिला मजिस्ट्रेट से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहे।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी और मस्जिदों में सुबह लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इसके बाद ही आईजी ने यह कदम उठाया है। सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले लाउडस्पीकर का उपयोग भी इस प्रतिबंध के घेरे में आएंगे।
अज़ान से नींद में पड़ा खलल तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की VC ने DM को लिखा पत्र
प्रयागराज रेंज के अंतर्गत आने वाले 4 जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को लिखे पत्र में आईजी पी.पी. सिंह ने कहा है कि अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों को लागू करना चाहिए। यह पत्र जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस प्रमुखों को निर्देश देता है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाए।
प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में कहा था कि लाउडस्पीकर पर बोली जाने वाली ‘अजान’ के कारण वह ‘हर दिन अपने समय से पहले जागने के लिए मजबूर’ हैं। इसके कारण उनके सिर में दर्द होता है और उससे उनका काम प्रभावित होता है। संगीता श्रीवास्तव ने अपनी यह शिकायत 3 मार्च को जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी को भेजी थी।
गौरतलब है कि जनवरी 2020 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि कोई भी धर्म पूजा-अर्चना के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की वकालत नहीं करता है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के उस प्रशासनिक आदेश को चुनौती दी थी जिसमें अजान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया था। प्रो.संगीता श्रीवास्तव ने अपने पत्र में अदालत के इस आदेश का हवाला भी दिया था।


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