भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ निवार्चन आयोग में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया है कि वह अपनी रैलियों में संबोधन के दौरान भगवा दल के समर्थकों को धमकी दे रही हैं।
निर्वाचन आयोग को मंगलवार को लिखे पत्र में भाजपा ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग की ‘‘अग्र सक्रिय भूमिका’’ के बावजूद तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख की टिप्पणियों की वजह से पिछले कुछ दिनों में बंगाल में ‘‘बड़े पैमाने पर हिंसा’’ की खबरें मिली हैं।
भाजपा ने अपने दावे के समर्थन में एक वीडियो का उल्लेख किया है जो 29 मार्च को नंदीग्राम में हुई बनर्जी की सभा का बताया जाता है। पत्र में बनर्जी के हवाला देते हुए कहा गया है, ‘‘बैठक में उन्होंने कहा कि एक दिन केंद्रीय अर्धसैनिक बल चले जाएंगे, लेकिन वह बंगाल में रहेंगी। तब उनके प्रतिद्वंद्वियों को कौन बचाएगा।’’
इस पत्र पर भाजपा नेताओं-शिशिर बाजौरिया, अर्जुन सिंह और प्रताप बनर्जी के हस्ताक्षर हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘इस तरह के बयान स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए खतरा हैं…और इन्हें आयोग के संज्ञान में लाया गया है।’’ भाजपा ने बनर्जी के भाषण को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन भी करार दिया।
चुनाव आचार संहिता राजनीतिक दलों से मतदाताओं का डराने-धमकाने जैसे कृत्य न करने को कहती है। भाजपा ने कहा, ‘‘धमकी देना और भय उत्पन्न करना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का ही उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह एक आपराधिक कृत्य और एक चुनाव अपराध भी है जिस पर तत्काल एवं कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।’’
वीडियो क्लिप का जिक्र करते हुए पत्र में कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार मतदाताओं पर हमले, चुनाव एजेंटों को मतदान केंद्रों में घुसने से रोकने और भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने जैसी घटनाओं को रोकने में विफल रही है।


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