बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि अगर वह टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) घोटाला मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करना चाहती है तो उन्हें तीन दिन पहले इस संबंध में नोटिस दें।
न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिताले की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार के इस बयान को भी स्वीकार किया कि रिपब्लिक टीवी, एआरजी आउटलायर मीडिया के अन्य कर्मचारियों और अन्य टेलीविजन चैनलों के खिलाफ जांच 12 हफ्तों में पूरी हो जाएगी। अदालत गोस्वामी और एआरजी मीडिया की कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है जिसमें उन्होंने मामले में कई राहतें मांगी हैं।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है लेकिन वह आरोपपत्र में संदिग्ध के तौर पर उनका नाम लेकर जांच को खींच रही है। सोमवार को हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने पुलिस से कहा कि वह कोई भी मामले में किसी का भी नाम लिए बगैर महीनों तक जांच नहीं कर सकती।
अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्यों पर गौर करते हुए पुलिस के पास मामले में गोस्वामी के खिलाफ कुछ भी ठोस नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘अगर जांच के दौरान आपको कुछ मिलता है और आप याचिकाकर्ता के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई करना चाहते हैं तो आपको गोस्वामी को 72 घंटे पहले नोटिस देना होगा।’’ अदालत 28 जून को फिर से दलीलों पर सुनवाई करेगी।


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