पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की आपदा पर दुख प्रकट करते हुए बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार से आपदा से निपटने में उत्तराखंड की हर प्रकार की सहायता तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है। बसपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड के चमोली जिले में हिमस्खलन के बाद निचले इलाकों में हुई भारी जान-माल की तबाही की खबर अति-दुःखद।

उन्होंने आगे लिखा, केन्द्र इस आपदा से निपटने में राज्य सरकार की हर प्रकार की सहायता तत्काल सुनिश्चित करे, बीएसपी की यह मांग। बता दें कि हिमखंड टूटने के कारण अचानक आई बाढ़ के बाद तपोवन ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले कम से कम 150 लोगों के मारे जाने या लापता होने की आशंका है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रवक्ता ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि रैणी गांव में कम से कम तीन पुलों के ढहने के कारण बल की कुछ सीमा चौकियों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। जो पुल ढहे हैं, उनमें से एक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का है।
आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने दिल्ली में कहा, ‘‘तपोवन के परियोजना स्थल प्रभारी तथा स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बैराज पर काम कर रहे 100 से ज्यादा लोगों और एक सुरंग में काम कर रहे 50 से अधिक लोगों के मारे जाने या लापता होने की आशंका है। अब तक तीन लोगों के शव मिल गए हैं।’’ उन्होंने बताया कि अभी बचाव काम में आईटीबीपी के 250 से अधिक जवान लगे हैं। पांडे ने कहा कि सुरंग में करीब 16-17 श्रमिक सुरक्षित हैं और उन्हें बचाने के लिए बचाव दल मलबा हटा रहे हैं।


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