दमोह नगर परिषद ने गंगा जमना स्कूल के प्रबंधक रश्के जहां को स्कूल परिसर में बिना अनुमति के भवन निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया है। नगर परिषद ने तीन दिन के भीतर संबंधित दस्तावेज जमा करने को भी कहा अन्यथा निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अधिनियम 1961 की धारा 187 के तहत यह अपराध की श्रेणी में आता है
11 जून को जारी नोटिस की प्रति के अनुसार, इसमें कहा गया है, “नगर परिषद दमोह की सर्वेयर शाखा द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन निर्माण कार्य स्कूल प्रबंधक द्वारा बिना किसी की स्वीकृति के किया जा रहा है. गंगा जमना हायर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में नगर पालिका म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के तहत यह अपराध की श्रेणी में आता है जिसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना अपेक्षित है।” उपरोक्त वर्णित निर्माण के सम्बन्ध में यदि कोई भवन अनुज्ञा/वैध अनुमति उपलब्ध हो तो तीन दिवस के अन्दर प्रस्तुत करें, अन्यथा निर्माण नियम विरूद्ध है एवं हटा दिया जायेगा,
कुछ हिंदू लड़कियों को हिजाब पहने हुए देखा गया था
“निर्धारित समय के उपरान्त उचित प्रक्रिया के असफल होने की स्थिति में उपरोक्त भवन को निर्माण कार्यालय द्वारा हटाया/बदला/ध्वस्त किया जाएगा एवं इसके व्यय की राशि एवं शास्ति की राशि विद्यालय प्रबंधक से नगर पालिका अधिनियम, 1961 के अन्तर्गत वसूल की जायेगी। नियमों के अनुसार,” नोटिस में आगे जोड़ा गया। विशेष रूप से, मध्य प्रदेश के दमोह में स्थित गंगा जमना स्कूल स्कूल के कथित पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुर्खियों में आया, जिसमें कुछ हिंदू लड़कियों को कथित तौर पर हिजाब पहने हुए देखा गया था। गंगा जमना स्कूल को लेकर विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295, 506 और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


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