उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लेकर धामी सरकार ने कमेटी बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर समिति गठित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को शपथ लेने के बाद कहा था कि चुनाव से पहले जनता से किए गए सभी संकल्पों को उनकी सरकार पूरा करेगी, जिनमें समान नागरिक संहिता का एक प्रमुख संकल्प भी शामिल है।
हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया
इस संबंध में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी कि एक समिति (विशेषज्ञों की) जल्द से जल्द गठित की जाएगी और इसे राज्य में लागू किया जाएगा। ऐसा करने वाला यह पहला राज्य होगा।उन्होंने आगे कहा, ”हमारी सरकार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी तत्परता के साथ दृष्टि पत्र में उल्लेखित सभी संकल्पों को पूरा करते हुए उत्तराखण्ड राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का कार्य करेगी।”
चुनाव प्रचार के दौरान कई बार ऐलान किया किया था
गौरतलब है कि सत्ता में आने से पहले पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार ऐलान किया किया था कि सरकार बनने पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू किया जाएगा। समान नागरिक संहिता का मतलब है कि सभी धर्मों के लिए एक ही कानून, अभी प्रत्येक धर्म का अपना कानून है, जिसके हिसाब से वह चलता है। जानकारी के लिए बता दें, अभी देश में केवल गोवा ही एकमात्र राज्य है, जहां यह कानून लागू है।


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