मध्यप्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से राज्य के 14 जिलों में अब तक सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान होने के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को आश्वासन दिया है कि सरकार उनके नुकसान की भरपाई के हरसंभव उपाय करेगी।
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद चौहान ने सोमवार को होशंगाबाद जिले में भारी बारिश के कारण फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिये एक नाव पर सवार होकर दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत भी की।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अतिवर्षा और बाढ़ से हुए नुकसान के कारण किसान चिंतित नहीं हों। सरकार कार्रवाई कर रही है और उनके साथ है। फसल बीमा योजना और ‘आरबीसी’ के प्रावधानों को मिलाकर नुकसान की भरपाई की हरसंभव व्यवस्था कर पुनर्वास के सभी प्रयास होंगे।’’
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 14 जिलों में लगभग सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। अब अधिकतर जगहों पर जलस्तर कम हो रहा है, स्थिति नियंत्रण में है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत शिविरों में भोजन, पेयजल आदि की व्यवस्था की गई है। राज्य की स्थिति से केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) को अवगत करवाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसलें खराब होने के साथ-साथ साफ-सफाई और बीमारी फैलने के खतरे से बचाव की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और बिजली आपूर्ति बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती है। इस कार्य में प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ लगा है। मंत्रीगण को भी ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सिवनी जिले में एक पुल के टूटने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुल टूटने के कारणों की जाँच कराई जाएगी। चौहान ने बाढ़ राहत में जुटी सभी एजेंसियों जैसे जिला प्रशासन, सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद के लिए तत्काल सक्रिय होने पर धन्यवाद दिया।


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