MP में 14 अप्रैल के बाद भी जारी रहेगा लॉकडाउन, पर किये जायेंगे कड़े बदलाव : CM शिवराज

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राज्य में आगामी दिनों में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन की स्थिति के बारे में चौहान ने कहा कि “राज्य में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन हटाना प्रदेश की जनता के हित में नहीं है। जनता की जिंदगी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड -19) का प्रकोप लगातार जारी है और संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश में अब तक 536 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाये गये हैं। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन जारी रहेगा लेकिन उसके स्वरूप में बदलाव होगा। उन्होंने कि इसके साथ ही आम लोगों की जरूरतों को खासतौर पर ध्यान रखा जाएगा।
चौहान ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिए रविवार को कहा कि “बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियों कन्फ्रेंसिंग की थी, जिसमें सभी की आम राय यह थी कि लॉकडाउन अभी हटाना ठीक नहीं होगा। मुख्यमंत्रियों ने कहा कि  संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है इसलिए लॉकडाउन को न हटाया जाए।”
राज्य में आगामी दिनों में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन की क्या स्थिति रहेगी इसका ब्यौरा देते हुए चौहान ने कहा कि “राज्य में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन हटाना प्रदेश की जनता के हित में नहीं है। जनता की जिंदगी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसके कारण 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन जारी रहेगा, उसका स्वरूप अलग होगा। किसानों को पहले से राहत दी गई है,वह जारी रहेगी, फसल की खरीदी 15 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।”

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राज्य में इंदौर व भोपाल में सबसे ज्यादा संक्रमित लोग पाए जा रहे है। इस बात का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि “इंदौर और भोपाल में संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है इसलिए इन दोनों ही स्थानों के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों को सील करना, हॉटस्पॉट को चिन्हित करना, चिन्हित स्थानों को अलग करना और सील करना, उसके बाद टेस्टिंग और मरीज से जो संबंधित हो,उसकी पहचान करना है। इस पर काम किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि “इंदौर और भोपाल को पूरी तरह सील कर दिया गया है यह ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कोई अंदर से बाहर न जाए और बाहर से अंदर न आए। कोई संक्रमित व्यक्ति बाहर से अंदर आता है तो उससे संक्रमण और फैलने की आशंका रहती है।” उन्होंने आगे कहा कि भोपाल में तबलीगी जमात और विदेशी जमात के कारण सिर्फ भोपाल ही नहीं आसपास के इलाकों में भी संक्रमण फैला इसके साथ ही स्वास्थ विभाग के कर्मचारी भी बीमार हुए।

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