उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर लोकसभा क्षेत्र में गठबंधन प्रत्याशी द्वारा नामांकन में बैंक लोन छिपाये जाने का मामला प्रकाश में आया है। संसदीय क्षेत्र में नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद बुधवार को शुरू हुई नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सपा-बसपा गठबंधन के बसपा प्रत्याशी भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी तथा उनके परिजनों पर लगभग 117 करोड़ 96 लाख रूपये का बैंक लोन होने के बारे में पता चला है।
शपथपत्र में इसका उल्लेख न करने को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी भालचंद यादव ने आपत्ति प्रस्तुत कर प्रत्याशी का नामांकन पत्र निरस्त करने की मांग की है।
कांग्रेस प्रत्याशी ने आपत्ति के साथ सेण्ट्रल बैंक आफ इण्डिया द्वारा जारी रिकवरी नोटिस की प्रति भी संलग्न किया है जिसमें उनकी पत्नी, पिता व बेटियों सहित अन्य के नाम जारी रिकवरी नोटिस जारी होने का उल्लेख है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग अधिकारी रवीश गुप्ता ने कहा कि मामले का परीक्षण किया जा रहा है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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