EC के द्वारा CM सरमा को माफ किए जाने पर कांग्रेस भड़की, कहा- उन्हें सख्त सजा देनी चाहिए थी

Summary :

कांग्रेस ने असम में विधानसभा उप चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को निर्वाचन आयोग द्वारा चेतावनी दिए जाने के बाद बुधवार को कहा कि सरमा के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी।

असम में अगले कुछ दिनों में विधानसभा उपचुनाव होने है। ऐसे में राज्य की सियासत काफी गरम हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के आचार सहिंता पर विवाद काफी गहरा गया है, जिस पर विपक्षी कांग्रेस ने जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने असम में विधानसभा उप चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को निर्वाचन आयोग द्वारा चेतावनी दिए जाने के बाद बुधवार को कहा कि सरमा के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी।
सुरजेवाला ने ट्वीट कर साधा निशाना

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘सरमा ने बिना शर्त माफी मांगी है और वह आचार संहिता के उल्लंघन के लिए अभ्यारोपित थे। मतदाताओं को प्रभावित करने के शर्मनाक एवं गैरकानूनी प्रयास बेनकाब हुए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग को उन्हें और सख्त सजा देनी चाहिए थी। भाजपा को असम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।’’
30 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव
निर्वाचन आयोग ने 30 अक्टूबर को असम में होने वाले विधानसभा उपचुनाव की प्रचार मुहिम के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सरमा को बुधवार को चेतावनी देकर माफ कर दिया।
सोच-विचारकर यह रुख अपनाया गया है
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ‘‘सोच-विचारकर यह रुख’’ अपनाया गया है कि भाजपा के स्टार प्रचारक सरमा ने आदर्श आचार संहिता के संबंध में ‘‘आयोग द्वारा जारी परामर्श/निर्देश की भावना का उल्लंघन किया।’’ आयोग ने सरमा को राज्य में विधानसभा उपचुनाव प्रचार के दौरान सड़क एवं अन्य विकास परियोजनाओं का वादा करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर सोमवार को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया था।

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