कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी आंदोलन राजनेताओं और राजनीतिक दलों के हाथ से निकल गया है क्योंकि यह एक भावनात्मक मुद्दा है। इस संकट को हल करने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को आंदोलनकारियों से सीधे संवाद करना चाहिए।
भोपाल से धार जाने के दौरान सीहोर में संवाददाताओं से बातचीत में दिग्विजय ने कहा, ‘‘नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) का आंदोलन राजनेताओं तथा सभी राजनीतिक दलों के हाथ से निकल चुका है क्योंकि यह भावनात्मक मुद्दा है और भावनात्मक मुद्दे को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए।’’
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उन्होंने कहा, ‘‘अमित शाह ने खुद कहा था कि पहले सीएए बिल आएगा, फिर एनपीआर और बाद में एनआरसी आएगा। ये क्रोनोलॉजिकल ऑडर बताया था उन्होंने। तो अब अगर इसको संभालना है तो मोदी जी और अमित शाह जी को, जितने लोग धरने पर बैठे हैं उनको बुलाकर संवाद की स्थिति लाना चाहिए और उनके मन में जो भ्रम है, उसे दूर करना चाहिए अन्यथा देश की हालत और बिगड़ेगी।’’
अमित शाह के बयान कि भाजपा कार्यकर्ताओं को दिल्ली विधानसभा चुनाव में इतनी वोटिंग कराना चाहिए कि उसका असर शाहीन बाग में दिखे के सवाल पर दिग्विजय ने कहा, ‘‘फिर वही बात आ गई। इनके पास हिन्दू-मुसलमान के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। देश में आग लगा रहे हैं, ये लोग।’’


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