महाराष्ट्र : मराठवाड़ा में तेजी से बढ़े कोरोना केस, प्रशासन ने कुछ क्षेत्र में लागू किए लॉकडाउन

Summary :

महाराष्ट्र के मराठवाडा क्षेत्र के आठों जिलाें में कोरोना वायरस (काेविड-19) के मामलों में तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने कुछ क्षेत्र में पूर्ण और आंशिक प्रतिबंध लागू किए है।

महाराष्ट्र के मराठवाडा क्षेत्र के आठों जिलाें में कोरोना वायरस (काेविड-19) के मामलों में तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने कुछ क्षेत्र में पूर्ण और आंशिक प्रतिबंध लागू किए है। बढ़ते हुए मामले प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए है तथा वायरस की कड़ी को तोड़ने और इसे नियंत्रित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। मौजूदा स्थिति के अनुसार औरंगाबाद जिला महामारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है और अभी तक यहां सबसे अधिक 56,678 मामले सामने आए हैं और 1334 लोगों की मौत हो चुकी है।
11 मार्च सोमवार से शुक्रवार तक आंशिक लॉकडाउन लगाया गया तथा चार अप्रैल तक हर शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। उस्मानाबाद जिला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने आज जनता कर्फ्यू लगाया है। इस दौरान जिले में बाजार और धार्मिक स्थल पूरे सप्ताह बंद रहेंगे लेकिन आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान जिला अधिकारी कौस्तुभ दिवेगावकर ने जिले के सभी मैरिज हॉल और कार्यलयों को सोमवार से बंद रखने का आदेश दिया है। नांदेड जिला में 21 मार्च देर रात तक विभिन्न प्रतिबंधों को लगाया गया है। प्रशासन ने सभी शिक्षण कक्षाओं को इस अवधि के दौरान बंद रखने का आदेश दिया है। हालांकि अध्ययन कार्य निरंतर जारी रहेगा। यहां दवा की दुकानें सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुली रहेंगी। बीड जिलाधिकारी रविंद्र जगताप ने अनिश्चतकालीन कई प्रतिबंधों को लागू किए है। 
उन्होंने कहा कि किरानों की दुकानों, दूध विक्रेताओं और डिस्पेंसरियों को छोड़कर सभी दुकान और प्रतिष्ठान सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक बंद रहेंगी। इस दौरान परभणी जिले में कल सुबह से कर्फ्यू लागू किया गया है। सभी दुकानें शनिवार सुबह से बंद है और सड़कों में सन्नाटा पसरा हुआ है। नांदेड के जिलाधिकारी विपिन वितानकर ने भी पूरे जिले में प्रतिबंध लागू किया है।

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