गुलाम नबी आजाद पर ओवैसी का तंज, कहा-45 साल की गुलामी सिर्फ इसलिए?

Summary :

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे आहत हुए गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफे की पेशकश कर दी।

कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आ रही है। पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र को लेकर कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में सोमवार को जमकर बवाल हुआ। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे आहत हुए गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। अब इस पूरे विवाद पर असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है।
हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आदर्श न्याय, गुलाम नबी साहब मुझपर यही आरोप लगाते थे। अब आप पर भी यही आरोप लगा है। 45 साल की गुलामी सिर्फ इसलिए? अब ये साबित हो गया है कि जनेऊधारी लीडरशिप का विरोध करने वाला बी-टीम ही कहलाया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय के लोग समझेंगे कि कांग्रेस के साथ रहने से क्या होता है।


बता दें कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल ने सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। राहुल ने कहा कि जब हम राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रहे थे और सोनिया अस्वस्थ थीं तो उस समय यह पत्र क्यों लिखा गया? इस पत्र की टाइमिंग सही नहीं है। 

इतनी ही नहीं राहुल ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया। इसके बाद पत्र लिखने वाले नेताओं में से एक गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर ये साबित हो जाय कि वो भाजपा से सांठ-गांठ कर रहे हैं तो वो पार्टी छोड़ देंगे। 

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