उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों, खासतौर से कुमाऊं क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से मंगलवार को 11 और लोगों की मौत हो गयी। बारिश के कारण कई मकान ढह गए और कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं। कई भूस्खलनों के कारण नैनीताल तक जाने वाली तीन सड़कों के अवरुद्ध होने की वजह से इस लोकप्रिय पर्यटक स्थल का राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है।
बादल फटने और भूस्खलनों के बाद कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को बारिश से संबंधित घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गयी, जबकि बादल फटने और भूस्खलनों के बाद कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उत्तराखंड में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या 11 हो गयी है। सोमवार को पांच लागों की मौत हुई थी।

चारधाम यात्रियों से अपील-वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू न करें
धामी ने आश्वस्त किया कि सेना के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों में मदद करने के लिए जल्द पहुंचेंगे। विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए इनमें से दो हेलीकॉप्टरों को नैनीताल और एक को गढ़वाल क्षेत्र में भेजा जाएगा। बहरहाल, मुख्यमंत्री ने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रियों से फिर अपील की कि वे जहां हैं, वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू न करें।

लगातार बारिश से किसानों पर काफी असर पड़ा है
धामी ने कहा कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने माना कि लगातार बारिश से किसानों पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए उनसे फोन पर बात की और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। नैनीताल में मॉल रोड और नैनी झील के किनारे पर स्थित नैना देवी मंदिर में बाढ़ आ गयी है, जबकि भूस्खलनों के कारण एक हॉस्टल की इमारत को नुकसान पहुंचा है।

भूस्खलनों से शहर से बाहर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है
नैनीताल से प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। शहर में आने वाले और बाहर जाने वाले वाहनों में सवार यात्रियों को आगाह करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है तथा यात्रियों से बारिश बंद होने तक ठहरने को कहा जा रहा है। भूस्खलनों से शहर से बाहर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिजॉर्ट में करीब 100 लोग फंस गए हैं और उफान पर बह रही कोसी नदी का पानी रिजॉर्ट में घुस रहा है।


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