कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में बीजेपी और कांग्रेस के बीच आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडणवीस ने आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज को लेकर हाल ही में प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के लिए राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधा है, वहीं कांग्रेस ने इसपर पलटवार किया है।
देवेन्द्र फडणवीस ने बीजेपी के अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से हुई मुलाकात के बाद कहा, ”उद्धव ठाकरे नीत एमवीए सरकार को केंद्र की तरह पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार पत्र लिखे। उन्हें इसी तरह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी पत्र लिखने चाहिए।”
कांग्रेस ने फडणवीस पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी महाराष्ट्र विरोधी है और हर मुद्दे पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, ”बीजेपी विधायकों ने अपनी विधायक निधि को पीएम-केयर्स फंड में दान कर दिया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री राहत कोष में दान क्यों नहीं किया?”
उन्होंने कहा कि बीजेपी कोरोना के खिलाफ जंग में राज्य सरकार का साथ देने के बजाय राजनीति में व्यस्त है। सावंत ने कटाक्ष करते हुए कहा राज्य सरकार को केंद्र सरकार की तर्ज पर किसी भी आर्थिक पैकेज की घोषणा नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह “खोखले वादों से भरा हुआ” है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र… राज्य सरकार के कामकाज में समस्याएं पैदा कर रहा है। दरअसल, शरद पवार ने हाल ही में प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि केंद्र के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज में लॉकडाउन अवधि के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रावधानों का अभाव है। किसानों के पास नकदी नहीं बची है।


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