द्रमुक प्रमुख एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में पूरे देश में हो रहे प्रदर्शनों के लिए भाजपा के सहयोगी अन्नाद्रमुक और पीएमके जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में वोट नहीं दिया होता तो यह विधेयक रुक गया होता।
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने चेताया कि अगर केन्द्र में सत्तासीन भाजपा सीएए के खिलाफ 23 दिसंबर को प्रस्तावित विपक्षी दलों की रैली पर ध्यान नहीं देती है तो नए कानून के खिलाफ प्रदर्शन और तेज होंगे। कोलातूर विधानसभा क्षेत्र में क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के खिलाफ मतदान किया था। हालांकि लोकसभा में भाजपा के पास समुचित बहुमत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा सत्तासीन अन्नाद्रमुक और पीएमके ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया था। स्टालिन ने कहा, ‘‘अगर राज्यसभा में अन्नाद्रमुक के 11 और पीएमके के एक सदस्य ने द्रमुक के पांच सदस्यों के साथ विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता तो विधेयक वहीं रुक जाता।’’ उन्होंने कहा कि चूंकि इन लोगों ने इसके पक्ष में मतदान किया, इसलिए ना सिर्फ तमिलनाडु बल्कि पूरा देश जल रहा है… दंगे हो रहे हैं।


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