कोरोना और चक्रवात के प्रकोप से उबर रहे बंगाल की मदद करेंगी दुर्गापूजा समितियां, इस साल के खर्च में की कटौती

Summary :

कोविड-19 और चक्रवात यास के प्रकोप से उबरने में अब भी जुटे पश्चिम बंगाल में कई दुर्गापूजा समितियों ने इस साल के बजट का कुछ हिस्सा मानवीय उद्देश्यों के लिए आवंटित करने का फैसला किया है।

कोविड-19 और चक्रवात यास के प्रकोप से उबरने में अब भी जुटे पश्चिम बंगाल में कई दुर्गापूजा समितियों ने इस साल के बजट का कुछ हिस्सा मानवीय उद्देश्यों के लिए आवंटित करने का फैसला किया है। शहर के भव्य पूजा आयोजन करने वालों में एक समाजसेवी संघ दुर्गापूजा ने कहा कि कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों का एक साल का शिक्षा एवं मेडिकल खर्च वह अपनी परियोजना ‘स्नेहो’ के तहत उठाएगी। 
समिति के महासचिव अर्जित मोइत्रा ने कहा, ‘‘ पूजा मानवता की सेवा करना है। हमने इस दुर्गा पूजा में सारा तामझाम छोड़ने का फैसला किया है। हमारे इलाके में दूसरी लहर के दौरान एक बच्चे के माता-पिता दोनों ही चल बसे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे सदस्यों ने 10 ऐसे बच्चों का खर्च उठाने का सर्वसम्मत फैसला किया है ..जो किस्मत के ऐसे क्रूर झटके से ‘स्नेह’ से वंचित हो गये। ’’ 
इस पहल की प्रशंसा करते हुए रासबिहारी के विधायक देबाशीष कुमार ने कहा कि यदि पूजा आयोजक गरीब एवं जरूरतमंदों तक पहुंचते हैं तो देवी दुर्गा अधिक खुश होंगी। उन्होंने समाजसेवी पूजा समिति को सभी संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। लोकप्रिय कॉलेज स्क्वायर दुर्गापूजा समिति सालभर के अंदर दो चक्रवातों का प्रकोप झेलने वाले सुंदरबन क्षेत्र में बच्चों के बीच किताबें एवं खिलौने बांटेगी । 
उसके एक आयोजक ने कहा, ‘‘हमारी टीम बच्चों को किताबे एवं खिलौने देने के लिए तीन अक्टूबर को सुंदरबन के छोटो मोल्लाखाली क्षेत्र में जाएगी । हम इस साल चमकदमक को छोड़ देंगे।’’ भवानीपुर 75 पल्ली ने लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुए पुरूलिया जिले के ‘छाऊ’कलाकारों को सहायता देने का फैसला किया है। पारंपरिक नृत्य छाऊ के तहत कलाकार विविध रंगों एवं मास्क में रामायण, महाभारत एव पुराणों की गाथाएं पेश करते हैं। 
भवानीपुर 75 पल्ली के सचिव सुबीर दास ने कहा, ‘‘कारीगरों समेत कई कलाकार वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहे हैं क्योंकि उत्सव मेले महामारी के चलते देशभर में बंद कर दिये गये हैं। हम उनमें से कम से कम कुछ के लिए जरूर कुछ करेंगे।’’ 

Desk Team