चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा पिछले महीने दिए एक भाषण में कथित तौर पर सांप्रदायिक लहजा होने को लेकर गुरुवार को उन्हें नोटिस जारी किया। उनसे 24 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है। अधिकारी पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार भी हैं।
चुनाव आयोग के नोटिस में कहा गया है कि भाकपा (माले) की केंद्रीय समिति की सदस्य कविता कृष्णन की तरफ से शिकायत आई है जिसमें आरोप लगाया है कि 29 मार्च को अधिकारी ने नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान ‘नफरत भरा भाषण’ दिया। आयोग ने आदर्श आचार संहित के दो प्रावधानों का हवाला दिया। एक प्रावधान में कहा गया है कि दूसरे राजनीतिक दलों की आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रमों, अतीत के रिकॉर्ड और काम तक सीमित होगी।
दूसरों दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना असत्यापित आरोपों या मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर करने से बचा जाएगा। दूसरे प्रावधान में स्पष्ट है कि वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदाय के आधार कोई अपील नहीं की जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने पाया है कि आदर्श आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।


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