प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बताया कि उसने पुणे के एक कारोबारी अविनाश भोसले के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के तहत पुणे में उसका, चार करोड़ रूपए मूल्य का एक भूखंड जब्त किया है। एजेंसी ने एक बयान में बताया कि जब्त संपत्ति वह भूखंड है जहां एबीआईएल (अविनाश भोसले इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) का कॉरपोरेट कार्यालय है और उसके समूह की कंपनियां स्थित हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘अविनाश भोसले एबीआईएल समूह कंपनियों के प्रवर्तक हैं।’’ यह जमीन पुणे के गणेशखिंड रोड पर रेंज हिल कॉर्नर में प्लॉट नं. दो, यशवंत घाडगे नगर सहकारी आवास सोसायटी में स्थित है। एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जमीन जब्त करने का अस्थायी आदेश जारी किया है।
भोसले के खिलाफ धन शोधन का ईडी का मामला शहर की पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ‘‘रंजीत मोहिते ने उस समय मौजूद मूल आवंटन शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि एआरए प्रॉपर्टीज को हस्तांतरित कर दी थी।’’ बयान के अनुसार, ‘‘1951 में सरकार द्वारा इस भूमि के आवंटन के समय प्राथमिक शर्त के मुताबिक, भूमि केवल सरकार या उसके अधीनस्थ अधिकारियों को हस्तांतरित की जा सकती थी।’’
बयान में कहा गया है कि इस मामले में एजेंसी ने पहले विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की थी जिसके बाद कुछ दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी ने दावा किया कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करते हैं।इस मामले में भोसले से ईडी पहले भी पूछताछ कर चुकी है। ईडी ने जून में विदेशी मुद्रा कानून के कथित उल्लंघन से जुड़ी एक अलग जांच के सिलसिले में भोसले और उनके परिवार के सदस्यों के तीन लक्जरी होटलों में शेयरों सहित 40 करोड़ रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त की थी।


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