फेसबुक पर डाले गए आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले मेंसांप्रदायिक हिंसा भड़क गई है जिसके बाद राज्य सरकार ने स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस की मदद की खातिर अर्धसैनिक बल BSF के 400 जवान वहां भेजे गए। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार रात पोस्ट को लेकर बसीरहाट अनुमंडल के बदुरिया में दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़पें शुरू हुईं।
उसके बाद एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। अभी भी लगातार बसीरहाट में हालात बिगड़े हुए हैं। बसीरहाट, स्वरुपनगर, बदुरिया और देगंगा में बीएसएफ की चार कंपनियां तैनात हैं। इसके अलावा इलाके में इंटरनेट सेवा बिल्कुल बंद कर दी गई है और धारा 144 भी लगाई गई है। पुलिस के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने कई स्थानों पर सड़कों को जाम कर दिया और दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला किया तथा कई दुकानों को निशाना बनाया।
हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। पुलिस ने बताया कि बदुरिया में दुकानें बंद रहीं और तनाव आसपास के इलाकों जैसे केवशा बाजार, बांसतला, रामचंद्रपुर और तेनतुलिया में भी फैल गया। वहीं बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बल के दक्षिणी बंगाल फ्रंटियर से 400 जवान बसीरहाट सहित विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं। उन्हें स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस की मदद के लिए तैनात किया गया है।
इस बीच एक अनपेक्षित घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी पर उन्हें फोन पर धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि वह भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष की तरह बर्ताव कर रहे हैं। ममता ने कहा कि मैं यहां किसी की दया पर नहीं हूं, उन्होंने जिस तरीके से मुझसे बातचीत की, एक बार तो मैंने कुर्सी छोड़ने की सोची। वहीं राज्यपाल ने ममता के रूख और भाषा पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हमारी बातचीत में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिससे ममता बनर्जी को लगे कि उनकी बेइज्जती हुई है या उन्हें धमकाया गया या उन्हें अपमानित किया गया।


Download Android App
Download iOS App






