पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम चुके सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी शक्ति सिन्हा का निधन हो गया है। वह 64 वर्ष के थे। शाम को लोधी रोड स्थित शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार होगा । मिली जानकारी के अनुसार, रात को सोते वक्त उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। अचानक उनको कुछ परेशानी हुई और उनका निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, उन्हें बीपी की समस्या थी।
राजनीतिक नेताओं और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सिन्हा के आकस्मिक निधन पर शोक और दुख व्यक्त किया और एक रणनीतिक विचारक के रूप में और सार्वजनिक नीति में उनके योगदान को याद किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के प्रेस सचिव अजय सिंह ने ट्वीट किया, “जीवन कितना क्षणभंगुर है। कल ही शक्ति सिन्हा जी से मुलाकात की और एक लंबी और समृद्ध बातचीत हुई। अब वह नहीं रहे। बेहद व्यथित!”
भाजपा नेता राम माधव ने कहा कि सिन्हा गवर्निंग बोर्ड ऑफ इंडिया फाउंडेशन के सदस्य थे और आज दोपहर लेह में एक सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे।
उन्होंने ट्वीट किया, “एक विनम्र और सरल लेकिन विद्वान और बौद्धिक व्यक्ति… एक बड़ी क्षति। गहरी संवेदना। ओम।”
सिन्हा 1979 बैच के आईएएस अधिकारी थे । वह नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल) के पूर्व निदेशक भी थे।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने ट्वीट किया, “प्रेस क्लब ऑफ इंडिया पूर्व नौकरशाह और तीन मूर्ति में नेहरू मेमोरियल लाइब्रेरी एंड म्यूजियम के पूर्व निदेशक, शिक्षाविद और लेखक शक्ति सिन्हा के असामयिक निधन से स्तब्ध है। सिन्हा कुछ दिन पहले ही पीसीआई में हुई एक चर्चा में शामिल हुए थे। हम उनके असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हैं।”
सिन्हा ने 1996-1999 के दौरान वाजपेयी के साथ मिलकर काम किया और ‘वाजपेयी: द इयर्स दैट चेंजेड इंडिया’ शीर्षक से एक संस्मरण लिखा था।


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