देश के सबसे अमीर कारोबारियों में से एक मुकेश अंबानी के मुंबई में स्थित आवास एंटीलिया में संदिग्ध वाहन में विस्फोटक मिलने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने पूर्व ‘मुठभेड़ विशेषज्ञ’ पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को सोमवार को 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रदीप शर्मा को एनआईए ने पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था। उन्हें सोमवार को अदालत के सामने पेश किया गया और जांच एजेंसी द्वारा आगे रिमांड नहीं मांगे जाने पर अदालत ने उन्हें 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में दो अन्य आरोपी, संतोष शेलार और आनंद जाधव, जिन्हें एनआईए ने 11 जून को उपनगरीय मलाड से गिरफ्तार किया था, उन्हें भी 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। केंद्रीय एजेंसी ने इससे पहले पुलिस अधिकारियों- सचिन वाजे,रियाजुद्दीन काजी और सुनील माने को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। एनआईए ने मामले के सिलसिले में पूर्व पुलिस कॉन्स्टेबल विनायक शिंदे और क्रिकेट सटोरिए नरेश गोर को भी गिरफ्तार किया था।
प्रदीप शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने मामले में सूबत मिटाने में वाजे की मदद की थी। साथ ही उनपर अपने आदमियों के साथ मिलकर हिरन की हत्या को अंजाम देने की साजिश रचने का भी आरोप है। दक्षिण मुंबई में इस साल 25 फरवरी को अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के पास विस्फोटकों से भरी एक एसयूवी मिली थी। ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरन ने दावा किया था कि गाड़ी उसकी है। उसके बाद वह पांच मार्च को मुंब्रा में एक नाले में मृत मिला था।


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