पणजी : गोवा कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अध्यक्ष की शक्तियों पर उच्चतम न्यायालय की व्यवस्था का राज्य के लिए काफी महत्व है जहां भाजपा में शामिल होने वाले कांग्रेस के 10 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की याचिका अगस्त 2019 से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है।
गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश चोडंकर ने न्यायालय की व्यवस्था के मद्देनजर कहा कि राज्य विधानसभा अध्यक्ष को पार्टी की याचिका पर निर्णय करना चाहिए जिसमें 10 विधायकों को अविलंब अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। गोवा में जुलाई 2019 में कांग्रेस के 15 विधायकों में से 10 ने एक अलग समूह बनाकर भाजपा में इसका विलय कर दिया था जिससे 40 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा की सदस्य संख्या बढ़कर 27 हो गई।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को संसद से कहा था कि उसे सांसदों और विधायकों की अयोग्यता के मामलों पर फैसला करने के अध्यक्ष के अधिकारों पर फिर से विचार करना चाहिए क्योंकि इस पद पर आसीन निर्वाचित प्रतिनिधि भी ‘किसी राजनीतिक दल विशेष’ का सदस्य होता है। इसने मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष से कहा था कि वह भाजपा के विधायक एवं मणिपुर के वन मंत्री टी श्यामकुमार को अयोग्य घोषित करने के लिए कांग्रेस नेता की याचिका पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाना चाहिए।


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