मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि बालपन में हृदय की बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को दिल की बीमारी से मुक्त करने के लिए नि:शुल्क इलाज करवा रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कमलनाथ की उपस्थिति में आज मंत्रालय में बच्चों के दिल की बीमारी का नि:शुल्क इलाज करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं सांई प्रशांति मेडिकल सर्विस एंड रिसर्च फाउंडेशन के बीच यह एमओयू हुआ। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट भी उपस्थित थे। कमलनाथ ने कहा कि स्वयं सेवी संस्थाओं के इस कार्य में जुड़ जाने से निश्चित ही हम प्रदेश के ऐसे सभी बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज करने में सफल होंगे जो दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं।

जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों को बाल हृदय उपचार योजना में हुए एमओयू के अंतर्गत सत्य सांई प्रशांति मेडिकल सर्विसेस एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा नि:शुल्क कैंप का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग के साथ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों के जरिए दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका नि:शुल्क इलाज किया जाएगा।
एमओयू के अनुसार प्रतिवर्ष 1000 बच्चों का हृदय संबंधी बीमारियों का निशुल्क इलाज होगा। एमओयू पर राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन की ओर से संचालक छवि भारद्वाज ने एवं फाउंडेशन की ओर से मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी ने हस्ताक्षर किए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पल्लवी जैन गोविल उपस्थित थीं।


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