महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए राकांपा तथा कांग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन देने पर चल रही बातचीत के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कहा कि जो भी फैसला होगा वह दोनों पार्टियां मिलकर लेंगी। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को सोमवार को सरकार बनाने का दावा करने के लिए आमंत्रित किया है।
शरद पवार ने यह भी कहा कि शिवसेना को दिए गए राज्यपाल के निमंत्रण पर उनकी पार्टी में कोई चर्चा नहीं की गयी है। पवार ने राकांपा की कोर समिति की बैठक से पहले कहा, “हमने (कांग्रेस और राकांपा ने) एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। जो भी फैसला होगा, हम एक साथ मिलकर लेंगे।”
महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने पर कांग्रेस-NCP ने नहीं खोले पत्ते, प्रफुल्ल पटेल ने दिया ये बयान
राज्य में 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा ने पर्याप्त संख्या न होने के कारण सरकार बनाने का दावा पेश न करने का रविवार को फैसला लिया। इसके बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को निमंत्रण दिया। शिवसेना और भाजपा के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर तनातनी चल रही है।
राज्य में 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 56 सीटें, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस से बातचीत की कोशिशों में लगी है। वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने रविवार को कहा कि शिवसेना को पहले राजग से अलग होना होगा। मोदी मंत्रिमंडल में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार से अलग होने की घोषणा की।


Download Android App
Download iOS App



