बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मध्यप्रदेश की मौजूदा कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य में भले ही नयी सरकार आ गई है लेकिन गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के साथ-साथ दलितों, पिछड़ों के जीवन में भी कोई बेहतरी नहीं आयी है।
बसपा ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में अभी भी बीजेपी शासित राज्यों की तरह जातिवादी और साम्प्रदायिक घटनायें जारी हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज मध्यप्रदेश में पार्टी गतिविधियों की समीक्षा की और संगठन को और चुस्त-दुरुस्त करने के लिए उसमें जरुरी फेरबदल किए।
बसपा उत्तर प्रदेश राज्य इकाई कार्यालय में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश से पार्टी के सभी वरिष्ठ व प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया और मण्डलवार समीक्षा रिपोर्ट पार्टी प्रमुख को पेश की। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि समीक्षा बैठक में यह बात सामने आयी है कि भले ही मध्यप्रदेश में अब बीजेपी के स्थान पर कांग्रेस की नई सरकार बन गयी हो, लेकिन गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के साथ-साथ दलितों, पिछड़ों के जीवन में भी कोई बेहतरी नहीं आयी है।
बयान के अनुसार इसमें कहा गया है, ‘‘वहां बीजेपी शासित राज्यों की तरह ही जातिवादी व साम्प्रदायिक घटनायें अभी भी लगातार जारी हैं। ख़ासकर इन्दौर से बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा खुलेआम क़ानून को हाथ में लेने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी/अधिकारियों से मारपीट की घटना आज पूरे देश में चर्चा का विषय है।
इतना ही नहीं बल्कि जेल से ज़मानत पर रिहाई के बाद बीजेपी नेताओं ने जिस प्रकार से विधायक की आवभगत करके सम्मानित किया उससे पूरा देश स्तब्ध है और इसकी कड़ी-निन्दा कर रहा है। इस सम्बंध में बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वक्तव्य कितना प्रभावी होगा, यह आगे देखने वाली बात होगी।’’
इस अवसर पर मायावती ने पार्टी संगठन में आवश्यक फेरबदल करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस व बीजेपी की धन्नासेठ-समर्थित सरकारों में ख़ासकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं व उपेक्षित वर्गों आदि की हालत आज तक नहीं सुधर पाई और ना ही आगे सुधार की कोई उम्मीद इनसे की जानी चाहिए।’’


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