पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्णय की सोमवार को आलोचना की और कहा कि वह ‘‘असंवैधानिक एवं भड़काऊ’’ कार्य करने से बचें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य में स्थिति बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए, जहां पिछले तीन दिनों से कानून को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक रैली में हिस्सा लेने वाली हैं। उन्होंने लोगों से भी रैली में शामिल होने की अपील की है। धनखड़ ने ट्वीट किया, ‘‘मैं बेहद दुखी हूं कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सीएए के खिलाफ रैली का आह्वान किया है। यह असंवैधानिक है। मैं ऐसे समय में मुख्यमंत्री से असंवैधानिक एवं भड़काऊ कार्य करने से बचने और राज्य में स्थिति बेहतर करने पर ध्यान देने की अपील करता हूं।’’
.@MamataOfficial. I am extremely anguished that CM and Ministers are to spearhead rally against CAA, law of the land. This is unconstitutional. I call upon CM to desist from this unconstitutional and inflammatory act at this juncture and devote to retrieve the grim situation.
— Jagdeep Dhankhar (@jdhankhar1) December 16, 2019
राज्यपाल ने पहले भी बनर्जी के कानून का विरोध करने पर सवाल उठाते हुए कहा था ‘‘ संवैधानिक पद पर विराजमान कोई भी व्यक्ति कानून का विरोध नहीं कर सकता।’’ तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री नागरिकता संशोधन कानून को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए अगले तीन दिनों तक राज्य भर में विरोध रैली करेंगी।
बनर्जी ने पहले भी कई मौकों पर कहा है कि वह इसे बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। बनर्जी ने ट्विटर पर जानकारी दी थी कि दोपहर एक बजे से रैली की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता में आज असंवैधानिक कैब विधेयक (अब सीएए) और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
यह रैली दोपहर एक बजे से रेड रोड पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास से शुरू की जाएगी और जोरासांको ठाकुरबाड़ी पर खत्म होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आइये, हम सब, समाज का हर तबका इस शांतिपूर्ण तरीके से कानून के दायरे में रहकर अभियान में शामिल हो।’’


Download Android App
Download iOS App



