गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के लिए 630 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की।
जुलाई और अगस्त में सौराष्ट्र, मध्य और दक्षिण गुजरात क्षेत्र में भारी से बहुत भारी वर्षा हुई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। राज्य के कृषि विभाग ने उन्हीं महीनों में फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए एक सर्वेक्षण किया था।

छोटाउदेपुर, नर्मदा, पंचमहल, नवसारी, वलसाड, डांग, तापी, सूरत, कच्छ, जूनागढ़, मोरबी, पोरबंदर, आणंद और खेड़ा जिलों को राहत पैकेज दिया जाएगा। पटेल ने एक बयान में कहा, 14 जिलों के 50 तालुकाओं के 2,554 गांवों के करीब आठ लाख किसान राहत पैकेज से लाभान्वित होंगे। 9.25 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें बारिश के कारण खराब हो गई।
राहत राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष मानदंड के अनुसार जारी की गई। 33 फीसदी से ज्यादा फसल खराब होने पर किसान मुआवजे के हकदार होंगे। प्रति हेक्टेयर एक किसान को 6,800 रुपये और अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा तक भुगतान किया जाएगा। केला उत्पादकों के लिए प्रति हेक्टेयर मुआवजा राशि 30,000 रुपये और अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि के लिए होगी।


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