कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राजनीतिक बातचीत हुई लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि उन्हें पार्टी हाईकमान द्वारा किसी खास मिशन पर पटना भेजा गया था ।
अच्छे काम को नमस्कार करना सबका दायित्व
कांग्रेस महासचिव ने बुधवार शाम कुमार से हुई अपनी मुलाकात का सोशल मीडिया पर फोटो भी साझा किया और लिखा,‘‘2024 में विपक्ष की एकता की बुलंद आवाज श्री नीतीश कुमार…।’’ हांलांकि, मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि नीतीश कुमार उनके पुराने दोस्त हैं और वह पटना उनके अच्छे कामों की सराहना करने के लिए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘वह हमारे पुराने दोस्त हैं। वह अच्छा काम कर रहे हैं और अच्छे काम को नमस्कार करना सबका दायित्व होता है।’’
विपक्षी एकता को मजबूती देने के लिए की गयी
रावत ने माना कि दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक चर्चा हुई । उन्होंने कहा, ‘‘हम कोई संत तो हैं नहीं। जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो राजनीतिक बात तो होती ही है।’’ लेकिन, यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी हाईकमान ने उन्हें पटना किसी खास मिशन पर भेजा था, उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया । दोनों नेताओं के बीच काफी देर चली इस मुलाकात को राहुल गांधी और कुमार की हाल में हुई बैठक की अगली कड़ी माना जा रहा है। रावत के करीबियों ने कहा कि यह मुलाकात आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर विपक्षी एकता को मजबूती देने के लिए की गयी ।


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