बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट से मिलने जा रहे कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल, पार्टी के दो विधायकों और उनके करीब 27 समर्थकों को बुधवार को हिरासत में ले लिया गया। वे लोग पालनपुर जिला कारागार जा रहे थे। हिरासत में मौत के एक मामले में जून में भट्ट को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
वह अभी पालनपुर जिला कारागार में कैद हैं। बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक नीरज बडगुजर ने बताया कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हार्दिक पटेल और पार्टी अन्य नेता के पालनपुर पहुंचते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। वे लोग भट्ट से मिलने जा रहे थे।
उन्होंने कहा, “हमें पालनपुर की जेल में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी, इसलिए हमने हार्दिक पटेल, पालनपुर और पाटन के कांग्रेस विधायकों तथा उनके समर्थकों को पालनपुर में प्रवेश करते ही गिरफ्तार कर लिया।” पालनपुर के विधायक महेश पटेल और पाटन के विधायक किरीट पटेल को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट ने मंगलवार को कहा था कि वह अपने पति के उन समर्थकों का साथ देगी, जो उन्हें पालनपुर जेल में राखी बांधना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “हार्दिक पटेल ने कहा कि वह भी उनके (श्वेता) साथ जाएंगे। परिवार का सदस्य होने के चलते संजीव भट्ट की पत्नी को उनसे मिलने की इजाजत है, लेकिन अन्य लोगों को हमने हिरासत में लिया।”
भट्ट को 1990 के एक मामले में जून में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उस समय वह जामनगर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तौर पर नियुक्त थे। गुजरात कैडर के इस आईपीएस अधिकारी को 2011 में निलंबित कर दिया गया था और सेवा से अनधिकृत अनुपस्थिति के आधार पर अगस्त 2015 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।


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