भोपाल ( मनीष शर्मा) विवादास्पद बयानों से सुर्खियों में रहने वाली बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार फिर से हेमंत करकरे की शहादत पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है। सीहोर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सांसद प्रज्ञा सिंह ने 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस का जिक्र करते हुए अपनी गिरफ्तारी पर बात करते करते तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे की देशभक्ति पर कहा कि हेमंत करकरे को देशभक्त कहा जाता है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। जो असली देशभक्त हैं, वो ऐसा नहीं मानते।
ये पहली बार नहीं है जब साध्वी प्रज्ञा ने हेमंत करकरे को लेकर विवादास्पद बयान दिया हो। दो साल पहले भी उन्होंने कहा था कि हेमंत करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा था। और आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी, लेकिन उन्हें उनके कर्मों की सजा मिली। हेमंत करकरे 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों में मारे गए थे। भारत सरकार ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया था।
साध्वी प्रज्ञा ने विधर्मियों को दैत्य बताते हुए कांग्रेस पर आतंकवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया दिया। उन्होंने भगवा आतंकवाद पर कहा कि इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। विधर्मियों को दैत्य जैसा बताते हुए कहा कि देश में विधर्मी बेशर्मी से फैलते चले जा रहे हैं। उनको रोकना जरूरी है। उनका विस्तार दैत्यों जैसा होता है। यदि हम उन्हें नहीं रोक पाए तो हमारी संतानों को कष्ट होगा। हमारे देशभक्तों को विधर्मियों को बढ़ने से रोकना चाहिए।
सांसद प्रज्ञा ने कहा कि देश में दो इमरजेंसी लगी थी एक इमरजेंसी 1975 में लगी थी। दूसरी 2008 में जब मालेगांव ब्लास्ट केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। यह देश में भगवा को आतंकवाद से जोड़ने का षडयंत्र था। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि कांग्रेस की विचाधारा आतंकवाद का साथ देने की है।


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