उप राज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने की मांग को लेकर पुडुचेरी में आज दिन भर अनशन पर बैठे ‘सेकुलर डेमोक्रेटिक अलांयस’ (एसडीए) में शामिल दलों का मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने नेतृत्व किया। कल्याण मंत्री एम कंडासामी, उद्योग मंत्री शाहजहां, लोकसभा सदस्य वी वैथिलिंगम, पीसीसी नेता ए वी सुब्रमण्यन और विभिन्न दलों के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उप राज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने का आग्रह किया।
उप राज्यपाल बेदी पर आरोप है कि वह संघ शासित प्रदेश की सरकार की विकास की योजनाओं में अड़ंगा लगा रही हैं। हालांकि द्रमुक बाहर से कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रही है लेकिन उसके किसी भी नेता ने अनशन में हिस्सा नहीं लिया। पिछले कुछ महीनों से सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शनों से द्रमुक ने खुद को अलग रखा है।
कांग्रेस तथा गठबंधन के अन्य दलों ने बेदी को वापस बुलाने की मांग को लेकर आठ जनवरी से तीन दिन तक प्रदर्शन किया था। लोक निर्माण विभाग मंत्री ए नमःशिवायम 25 जनवरी को कांग्रेस से बीजेपी में चले गए थे जिसके बाद नारायणसामी सरकार में मंत्रियों की संख्या पांच रह गई है। पर्यटन मंत्री मल्लादी कृष्ण राव ने भी अनशन में हिस्सा नहीं लिया।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 16 जनवरी को बंद का आयोजन किया जाएगा और मांग की जाएगी कि या तो बेदी पुडुचेरी से खुद वापस जाएं या केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे और उन्हें वापस बुलाए। नारायणसामी ने कहा था, “जब तक केंद्र सरकार बेदी को वापस नहीं बुलाती, हमारा विरोध जारी रहेगा।” इस बीच कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं का एक शिष्टमंडल 10 फरवरी को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेगा और बेदी को वापस बुलाने संबंधी कागज सौंपेगा जिस पर कांग्रेस ने जनता के हस्ताक्षर लिए हैं।


Download Android App
Download iOS App



