देहरादून : उत्तराखंड में गौ सेवा आयोग गोरक्षकों को पहचान पत्र जारी करेगा। ऐसा करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य होगा। शनिवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब गोरक्षकों को गोसंरक्षक के नाम से जाना जाएगा। गौ सेवा आयोग के चेयरमैन एनएस रावत ने बताया, ‘प्रदेश में सभी गोरक्षक अब गोसंरक्षक के नाम से जाने जाएंगे। इसके साथ ही सभी गोरक्षकों को पहचान पत्र जारी किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा, ताकि गाय के नाम पर हिंसा करने वाले गुंड़ों से असली गोरक्षकों को अलग किया जा सके।’
रावत ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो साल पहले कही गई बात को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। रावत ने कहा, ‘उन्होंने (पीएम मोदी) कहा था कि कुछ तत्व गाय के नाम पर हिंसा कर रहे हैं।’ साथ ही रावत ने कहा कि 13 में से छह जिलों में असली गोरक्षकों की पहचान की गई है और उन्हें पहचान पत्र जारी किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग ने साथ ही सभी जिलों में जानवरों की सुरक्षा और कल्याण के लिए समिति बनाने का भी फैसला लिया गया है।
बताया जा रहा है कि इस समिति के मुखिया डीएम होंगे और इसमें एसएसपी और सीडीओ भी शामिल होंगे। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान में मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आने के बाद राजस्थान सरकार पूरे प्रदेश में गोरक्षकों की सूची बनाने पर काम कर रही है। बताया गया है कि हर थाने को प्रदेश में गोरक्षकों की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।


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