विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया मणिपुर दौरे पर है। जहां उनका ये दौरा 2 दिनों का है। कुछ वक्त पहले ही इंडिया गठबंधन ने ये ऐलान किया था की वो हिंसा प्रभावित क्षेत्र मणिपुर जायेंगे। साथ ही लोगों की दुख और पीड़ा का जायज़ा लेकर इस बात को संसद में रखेंगे। जिस कारण INDIA डेलिगेशन मणिपुर के लिए कल रवाना हो चुकी थी। और ये दौरा पूरे 2 दिन का होने वाला है। मणिपुर में जाने के बाद प्रतिनिधिमंडल के लोगों ने राहत शिविरों का हाल जाना। जिसमें डेलिगेशन की एक टीम उन महिलाओं के परिवारों से भी मिली जिन्हें 4 मई के दिन बेखौफ दरिंदों ने निर्वस्त्र घुमाया था। इसके बाद माताओं ने इस प्रतिनिधिमंडल से गुजारिश की है की वो उन्हें उनके बेटे और पति का शव देखने दे। डेलिगेशन के सदस्यों का कहना है की आज का पूरा दिन उनके लिए काफी मुश्किल भरा था जहां उन्होंने सभी पीड़ितों को देखा और उनका हाल जाना।
सांसदों ने की पीड़ित महिलाओं के साथ मुलाक़ात
मणिपुर का हर कोना अभी दहशत की आग में जल रहा है। यहां 3 मई को शुरू हुई हिंसा इतनी भयंकर है की 3 महीने पूरे भी होने वाले हैं, लेकिन ये मामला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। हर तरफ गोलियों की बरसात हो रही है। कुकी समुदाय और मैतेई समुदायों के लोगों के बीच ये प्रतिशोध की ज्वाला कम होने का नाम ही नहीं ले रही। और ये वही वजह है जब इंडिया डेलिगेशन इस पूरे मामले को जमीनी तौर पर जानने के लिए मणिपुर के लिए शनिवार के दिन रवाना हुई थी। इंडिया डेलिगेशन के कई गुटों ने कई हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया साथ ही उन सभी लोगों से मुलाकात की जो इस दर्द और पीड़ा को सह रहे हैं। इस डेलिगेशन के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि हमने 4 राहत शिविरों से मुलाकात की और उनके दर्द को सुना। उन्होंने कहा कि महिलाएं यह बताते हुए रूप बड़ी कि कैसे उनके साथ यह हमले हुए। गौरव गोगोई ने कहा कि जब दिल्ली लौटेंगे तो संसद में मणिपुर में हो रहे डरावने हिंसे को लेकर इसको संसद तक पहुंचाएंगे।
संसद में देंगे सुझाव – गौरव गोगोई
मणिपुर में हो रहे हैं सा सच में डरा देने वाली है। ऐसा ही कुछ सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि आज का दिन उनके लिए बेहद कठिन दिन था। उन्होंने कहा है कि रविवार के दिन यानी 30 जुलाई के दिन हम राज्यपाल से बात करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने जो हालातों को देखी है वह राज्यपाल के सामने बताएंगे। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर में हो रहे हिन्से को लेकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना चाहिए था। उन्होंने कहा है कि संसद में हम अब रचनात्मक सुझाव देंगे।


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