IT ने डिप्टी सीएम अजीत पवार पर कसा शिकंजा, 1000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

Summary :

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार करने अब के बाद आयकर विभाग की राज्य उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर कार्रवाई शुरू हो गई है।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार करने अब के बाद आयकर विभाग की राज्य उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर कार्रवाई शुरू हो गई है। आयकर विभाग ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की 1000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। नरीमन पॉइंट, मुंबई में निर्मल टॉवर सहित पांच संपत्तियों को आईटी विभाग ने कुर्क किया है। विभाग ने बीते महीने पवार की बहनों के घरों और कंपनियों पर छापे मारे थे।
पिछले महीने आयकर विभाग ने कर चोरी के आरोप में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के परिवार के सदस्यों और कुछ रियल एस्टेट डेवलपर्स से जुड़े व्यवसायों पर  छापेमारी की थी।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुंबई, पुणे, सातारा और महाराष्ट्र के कुछ अन्य शहरों में तथा गोवा में तलाशी ली गयी। सूत्रों ने बताया कि डीबी रियल्टी, शिवालिक, जरंदेश्वर सहकारी शुगर कारखाना (जरंदेश्वर एसएसके) जैसे समूह से संबंधित परिसरों और पवार की बहनों से जुड़े व्यवसायों पर छापेमारी की। 
अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद सोमवार देर रात अनिल देशमुख गिरफ्तार कर लिया था
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से धनशोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सोमवार देर रात तक जारी पूछताछ  के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। 
प्रवर्तन निदेशालय ने देशमुख से 12 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद सोमवार देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। धन शोधन का यह मामला महाराष्ट्र पुलिस प्रतिष्ठान में कथित वसूली गिरोह से जुड़ा है। अधिकारी ने बताया कि ईडी कार्यालय में रात बिताने के बाद देशमुख को सुबह करीब सवा 10 बजे अस्पताल लाया गया। इसके बाद उन्हें एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। 

मनी लॉन्ड्रिंग केस : अनिल देशमुख को गिरफ्तारी के बाद चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया

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