रांची : झारखंड सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए राज्य आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में आज यहां राज्य मंत्रिपरिषद की हुई बैठक के बाद भूमि राजस्व एवं निबंधन मंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया कि लंबे समय से राज्य में इस आयोग के गठन की मांग की जा रही थी। इससे राज्य में रहने वाले अनुसूचित जाति के तीस से चालीस लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संशोधित धारा-14(1) के प्रावधानों के अन्तर्गत राज्य में चार विशेष न्यायालय के गठन की स्वीकृत दी गयी है। श्री बाउरी ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्र में भी सभी को मकान उपलब्ध कराने के संकल्प के तहत इन क्षेत्रों में भी अधिकतम दस डिसमिल जमीन 30 वर्ष के लिए लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
उन्होंने बताया कि अतिक्रमित भूमि पर वर्ष 1985 से पूर्व रहने वाले भूमिहीन परिवारों को प्रमाण देना होगा और जिला स्तर पर गठित रिपोर्ट के आधार पर जमीन की बंदोबस्ती की जाएगी। बैठक में राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और पांच सौ शैय्या वाले सरकारी अस्पतालों अमृत दीनदयाल प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की स्थापना के केन्द्र के उपक्रम एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड को मनोनयन के आधार पर काम सौंपने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गयी।
अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक करें।


Download Android App
Download iOS App



