झारखंड कांग्रेस ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सेना के अधिकारियों के हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार सैन्य अधिकारियों की आधी पेंशन काट कर सेना का मनोबल गिरा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने शुक्रवार को कहा कि शहीद सैनिकों की वीरता और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट बंटोरने वाली मोदी सरकार देश के इतिहास में पहली सरकार बनने जा रही है, जो सीमा पर रोजाना अपनी जान की बाजी लगाने वाले सैन्य अफसरों की पेंशन काटने और सक्रिय सेवा के बाद उनके दूसरे कैरियर विकल्प पर डाका डालने की तैयारी में है। इस बारे में बकायदा 29 अक्टूबर 2020 के पत्र से प्रस्ताव मांगा गया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना के लिए दीया जलाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ साहसी और बहादुर सैन्य अफसरों के जीवन में उनकी पेंशन काट अंधेरा फैलाने का दुस्साहस कर रहे हैं, यही बीजेपी का झूठा राष्ट्रवाद है। शाहदेव ने कहा कि सेना में भर्ती के समय इंडियन मिलिटरी एकेडमी में हर अधिकारी से 20 साल का अनिवार्य सर्विस बॉन्ड भरवाया जाता है।
20 साल की सेवा के बाद सैन्य अफसर लास्ट ड्राउन सैलरी यानी 20 साल की सेवा पूरी होने पर जो मूल तनख्वाह मिल रही हो, उसकी 50 प्रतिशत पाने का हकदार है। लेकिन मोदी सरकार ताजा सेना विरोधी प्रस्ताव के तहत उस 50 प्रतिशत पेंशन को भी आधी कर देने का है। मोदी सरकार की सेना का मनोबल तोड़ने वाली इस प्रस्ताव से देश के युवाओं का सेना में भर्ती होने के प्रति आकर्षण घटेगा तथा आखिर में देश का नुकसान होगा।


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