बेंगलुरू : कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने मंगलवार को चेतावनी दी कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा लागू किये गये निर्देशों का उल्लंघन कर अनावश्यक रूप से सड़कों पर घूमने और कानून का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग बेंगलुरू से बाहर जाना चाहते हैं या आना चाहते हैं, तो वे आज रात तक आ जाये। बुधवार की सुबह से कड़ी पाबंदियां लगाई जायेगी।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यदि वे कानून का पालन नहीं करते है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’कर्नाटक सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोमवार की रात पूरे राज्य में इस महीने के अंत तक लॉकहाउन (बंद) की घोषणा की थी।
इस बीच तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने मांग की कि केन्द्र सरकार को कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक मॉस्क और सैनिटाइजर जैसे आवश्यक उत्पादों पर कर को माफ करना चाहिए। उन्होंने केरल सरकार की तरह एक विशेष पैकेज की भी मांग की। उन्होंने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत श्रमिकों के लिए मुआवजे की भी मांग की।
केरल सरकार पहले ही 20 करोड़ रुपये के पैकेज और लाभार्थियों को दो महीने की पेंशन देने की घोषणा कर चुकी है। इस बीच महाराष्ट्र के पुणे से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लोगों को बाहर निकलने से रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार को पुणे शहर में पंपों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री को रोकने का फैसला किया है।
जिला कलेक्टर नवल किशोर राम ने जिला पेट्रोल/डीजल पंप एसोसिएशन को संबोधित महामारी रोग अधिनियम तहत इस आशय की एक अधिसूचना जारी की। आदेश में यह नहीं बताया गया है कि प्रतिबंध कितने समय तक लागू रहेगा।


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